Sunday, August 19, 2018

केरल में आयी महाप्रलय में पीएम मोदी,भारतीय रेलवे ने उठाया ऐसा शानदार कदम, देशभर में लोगों ने किया सलाम



नई दिल्ली : केरल में महा प्रलय के हालात बन गए हैं. 100 साल में अब तक की सबसे भयानक बाढ़ आ गयी है. करीब 324 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं. भारतीय सेना, नौ सेना,वायु सेना NDRF की टीम के साथ राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता लोगों के बचाव कार्य और खाने पीने की मदद में जुटे हुए हैं. हालाँकि केरला का ISIS प्रेमी संगठन PFI कहीं दिखाई नहीं दे रहा है.
अटल जी की श्रद्धांजलि देने के बाद, 5 किलोमीटर पैदल चलने के बाद तुरंत प्रधानमंत्री केरला पहुंच गए है. वहां उन्होंने 500 करोड़ की आर्थिक मदद दी है. इसके साथ अनेक राज्य यूपी, MP, पंजाब, हरयाणा, महाराष्ट्र,बिहार आदि सभी ने 15 – 20 करोड़ रूपए की मदद भेजी है. लेकिन ऐसी भयानक त्रासदी में भी भारतीय रेलवे ने मध्यप्रदेश सरकार के साथ मिलकर सबसे बड़ा कदम उठाया है जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है लेकिन कोई मीडिया नहीं दिखा रहा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक केरल से आ रही भयावह तस्वीरों ने पूरे देश को हिला के रख दिया है. लाखों लोग बेघर हो गए उन्हें पीने का पानी, खाने का सामान का बहुत आभाव है. इसी भारी बारिश और बाढ़ को देखते हुए भारतीय रेल ने पीने के पानी के रुप में केरलवासियों के लिए मदद भेजी है. रेलवे ने केरल के लिए 21.5 लाख लीटर पानी भेजा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार दोपहर दो बजे के करीब सात लाख लीटर पानी पुणे से और 21.5 लाख लीटर पानी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से केरल के लिए रवाना किया गया. अभी इतना ही और भी पानी दुबारा भी भेजा जाना है. जिसे ज़रूरतमंदों तक पहुंचाने में सेना मदद कर रही है.
इसकी तसवीरें सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो रही है. लोग यहाँ भारतीय रेलवे के इस साहसिक कार्य की प्रशंसा कर रहे हैं. इसके साथ ही हमारी सेना के जाबांज जवान लोगों को बचाने और राहत कार्य में जुटे हुए हैं. देशभर से लोग बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.
तो वहीँ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने संकटग्रस्त राज्य को वापस पटरी पर लाने के लिए दो करोड़ दान में दिए हैं. यह जानकारी एसबीआई के एक अधिकारी ने शनिवार को दी. एसबीआई ने अपने सभी 270,000 कर्मचारियों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके अलावा बैंक के कर्मचारी राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बैंक शाखाओं और एटीएम को फिर से बहाल करने के प्रयास में जुट गए हैं. इसके अलावा बैंक ने कर्ज देने, डुप्लिकेट पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक सेवाओं और ईएमआई में देरी होने को लेकर शुल्क में छूट देने की भी घोषणा की.

राज्य के कई इलाकों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. कई दशकों बाद आई इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 324 जिंदगियां लील ही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद तत्काल 500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि पीए मोदी ने सभी मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से भी देने की घोषणा की है.
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वाजपेयी जी की श्रद्धांजलि छोड़ पाकिस्तान में सिद्धू ने किया ऐसा कांड , पूरे देश में हो रही थू थू, कांग्रेसी नेता ने भी करी आलोचना



नई दिल्ली : जहाँ एक तरफ पूरे देश पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन से गम में डूबा हुआ है, पूरे देश में राष्ट्रिय शोक घोषित किया गया है वहीँ कांग्रेस नेता बन चुके नवजोत सिंह सिद्धू श्रद्धांजलि छोड़ कर अपने दोस्त इमरान खान के शपथ समारोह में जश्न मना रहे हैं, उनके तारीफ में खिलखिलाते हुए कसीदे पढ़ रहे हैं.

ऐसा लग रहा है आज देश से ज़्यादा ज़रूरी दोस्ती हो गयी है. लेकिन आज वहां पाकिस्तान में सिद्धू ने ऐसा कांड कर दिया है जिसे देख उनकी पूरे देश में थू थू होने लगी हैं. उनके पोस्टर जलने शुरू हो गए हैं, एक दो कांग्रेसी भी उनकी आलोचना कर रहे हैं, शहीद जवानों के परिवार वाले सिद्धू की बेहद कड़ी आलोचना कर रहे हैं.
अभी मिल रही मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए हुए हैं. लेकिन अब सिद्धू का एक वीडियो वायरल हो गया है जिसने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया और कांग्रेस और सिद्धू की मट्टी पलीत हो रही है. कई जगह सिद्धू के पोस्टर जलाने की भी खबर आयी है. दरअसल इस्लामाबाद में हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल बाजवा से हाथ मिलाया लेकिन सिद्धू ने उन्हें ज़बरदस्ती गले लगा लिया. यही नहीं इसके बाद सिद्धू POK के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल में बैठ गए. वो POK जहाँ पाकिस्तान आतंकी कैंप चलाता है.


सरहद पार करते ही कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर बदल गए. सिद्धू ने शाम होते-होते एक कदम और बढ़ाते हुए पाकिस्तान और बाजवा की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े. जिस वक़्त सिद्धू पाकिस्तान में है उन वक़्त भी पाक फ़ौज सीमा पार से गोलियाँ बरसा रही है. ये बाजवा हमारे जवानों का हत्यारा है. ये सेना की आड़ में आतंकी कैंप चलाता है. और बता दें यही इमरान खान ने भारत को एक सभा में धमकी दी थी और कश्मीर राग अलापा था, कहा था “पाकिस्‍तान भारत से निपटने को तैयार है, हमारा देश नवाज शरीफ जैसा कायर नहीं है”

सिद्धू इतने लोकप्रिय हैं कि उन्हें पाकिस्तान में ही चुनाव लड़ना चाहिए

लेकिन फिर भी इमरान खान की मेहमाननवाजी का लुत्फ उठाने वाले सिद्धू पाकिस्तानी सेना की करतूतों को भूल गए और उनकी जमकर तारीफ की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने कहा कि मैं एक मोहब्बत का पैगाम हिन्दुस्तान से लाया था. जितनी मोहब्बत मैं लेकर आया था, उससे 100 गुना ज्यादा मोहब्बत मैं वापस लेकर जा रहा हूं. सिद्दू ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि जो वापस आया है, वो सूद समेद आया है.सिद्धू इतने पर ही नहीं रुके. सिद्धू ने कहा कि जनरल बाजवा साहब ने मुझे गले लगाया और कहा- हम शांति चाहते हैं. यही नहीं इमरान खान की पार्टी पीटीआई के एक सीनेटर ने कहा कि सिद्धू इतने लोकप्रिय हैं कि उन्हें पाकिस्तान में ही चुनाव लड़ना चाहिए.

सिद्धू अपने दोस्त इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होने गए थे, लेकिन पाकिस्तान के आर्मी चीफ के साथ गलबहियां किसी को पच नहीं रहीं. किसी को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर सीमा पर गोलियां दागने वाली पाक सेना के मुखिया जनरल कमर जावेद बाजवा को सिद्धू कैसे झप्पी दे गए. औपचारिकता के नाते मिलना-मिलाना तो ठीक था, लेकिन गले लगाना हर किसी को नागवार लग रहा है. यहां तक कि कांग्रेस भी सिद्धू की इस ‘हरकत’ से असहज महसूस कर रही है.

कांग्रेस नेता ने भी कहा ये गलत है

कांग्रेस का कहना है कि सिद्धू को ऐसा करने से बचना चाहिए था. कांग्रेस के नेता ही इसे गलत करार दे रहे हैं. जम्मू कश्मीर के कांग्रेस अध्यक्ष, गुलाम अहमद मीर ने कहा, नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के अहम नेता और जिम्मेदार व्यक्ति हैं. इस मसले पर सिर्फ वहीं, बोल सकते हैं. लेकिन, उन्हें इससे बचना चाहिए था.
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने को लेकर हमलावर किया है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के इशारे पर नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान गए. पाकिस्तान जाकर वो पाक आर्मी चीफ के गले लगे. वो आर्मी चीफ जो आंतक की नर्सरी चलाता है. वो यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि कांग्रेस और नवजोत सिंह सिद्धू को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.
गौरतलब है कि शुक्रवार को यहां पहुंचे सिद्धू ने कहा, “मैं अपने दोस्त (इमरान) के आमंत्रण पर पाकिस्तान आया हूं। यह बहुत महत्वपूर्ण क्षण है।” उन्होंने कहा, “खिलाड़ी और कलाकार दूरियां मिटाते हैं.. मैं यहां प्यार का संदेश और पाकिस्तान के लिए दुआएं लेकर आया हूं।” इमरान खान की अगुआई वाली सरकार का स्वागत करते हुए उन्होंने नारे लगाए, “हिंदुस्तान जीवे, पाकिस्तान जीवे।”

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मोदी की कूटनीति का दिखा असर, भारत को लेकर इस बड़े मुस्लिम देश ने उठाया बड़ा कदम, दुनिया भर के देश रह गए दंग



नई दिल्ली : देश में जब भी कोई मुसीबत आती है तो उस देश की विदेशी कूटनीति का तब पता चलता है कि कौन कौन देश उसकी मदद करने के लिए आगे आ रहा है. ऐसे ही 100 साल में सबसे बड़ी आपदा झेल रहे केरल में त्राहि त्राहि मची हुई है, 324 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. तीनो सेनाएं मदद के लिए लगी हुई हैं. देशभर से राज्य सरकारें और अन्य लोग सहायता राशि भेज रहे हैं.
लेकिन अब सिर्फ देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेशों से भी भारत के लिए मदद करने को हाथ आगे बढ़ रहे हैं वो भी मध्य एशिया का एक मुस्लिम देश. ये पीएम मोदी की विदेश कूटनीति की अपने आप में बहुत बड़ी सफलता है.

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक केरल में सबसे बड़ी बाढ़ को देखते हुए खुद केरल की तरफ मदद का हाथ बढ़ाते हुए संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री और दुबई के शाह शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तुम ने राज्य में बारिश और बाढ़ की आपदा से जूझ रहे लोगों की सहायतार्थ आपात समिति बनाने का आदेश दिया है. उन्‍होंने कहा है कि यह समिति केरल में बाढ़ ग्रस्‍त इलाकों और बाढ़ पीडि़तों को आवश्‍यक मदद मुहैया कराए.
अंग्रेजी और मलयाली भाषाओं में किए गए कई ट्वीट में उन्होंने कहा “केरल के लोग हमेशा से UAE में हमारी सफलता की कहानी का हिस्सा रहे हैं और आज भी हैं। हमारे ऊपर उनकी मदद करने की विशेष जिम्मेदारी है जो प्रभावित हैं, खासकर इन पावन दिनों में।”

अंग्रेजी और मलयालम में किए जा रहे ट्वीट्स में उन्होंने लिखा, ‘भारत में केरल इस वक्त भारी बाढ़ झेल रहा है जो सदी में सबसे विनाशकारी हैं। कई सौ लोग मारे जा चुके हैं और हजारों विस्थापित हो गए हैं। ईद से पहले भारत के हमारे भाइयों की मदद के लिए हाथ बढ़ाना न भूलें।’
वहीं शारजाह के शासक ने भी केरल आपदा में लोगों की सहायता के लिए 4 करोड़ की धानराशि देने का ऐलान किया है। शारजाह के शासक की तरफ से ये 4 करोड़ रुपए की सहायता रासि केरल के मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजा जा रहा है.
शेख की इस कोशिश पर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सल्यूट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि शेख की मदद से पता चलता है कि वह केरल के सच्चे दोस्त हैं। उन्होंने कहा है कि केरल के लोग शेख की मदद को कभी नहीं भूलेंगे। केरल में पिछले 10 दिन में बाढ़ से अब तक 173 लोगों की जान जा चुकी है.
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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 20 देशों के सामने अटल जी के लिए इस देश ने किया सबसे बड़ा एलान, पीएम मोदी भी हुए ख़ुशी से गदगद



नई दिल्ली : पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर भी कुछ वामपंथी ज़हर उगल रहे थे जबकि अटल जी की महानता के चर्चे केवल देश में ही नहीं विदेशों तक फैले हुए थे. इजराइल ने अटल जी को “सच्चा दोस्त” बताया है और शोक सन्देश भेजा है. वहीँ चीन ने भी अटल जी को ‘चमत्कारिक नेता’ बताया है.
अमेरिका, रूस, जापान ने भी अटल जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है और कहा है ऐसा शख्स कभी कभी ही पैदा होते हैं. तो वहीँ अब मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने अपना राष्ट्रिय ध्वज आधा झुकाते हुए अटल जी के नाम पर बहुत बड़ा एलान कर दिया है जिसे देख आज हर भारतीय का सीना गौरवान्वित हो उठेगा.
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुईस में 11वां विश्व हिंदी सम्मेलन शनिवार से शुरू हो गया । दुनिया में हिंदी भाषा की पहुंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां आयोजित इस सम्मेलन में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ ने घोषणा की कि जिस साइबर टावर के निर्माण में अटल जी ने सहयोग प्रदान किया था, अब उस टावर का नाम अटल बिहारी वाजपेयी टावर होगा.


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अटल जी को दी ऐसी श्रद्धांजलि

सम्‍मेलन के प्रारंभ में पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारीवाजपेयी के सम्‍मान में दो मिनट का मौन रखा गया। सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए मारीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगनाथ ने कहा कि वाजपेयी भारत के एक महान सपूत और मारीशस के परम मित्र थे. बता दें इससे पहले मारीशस देश ने अटल जी के सम्मान में अपने देश का राष्ट्रिय ध्वज तक आधा झुका लिया था. आज तक भारत के इतिहास में ऐसा किसी देश ने किसी नेता के लिए नहीं किया है. ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है.


करीब 20 देशों से आए 2000 सदस्यों वाले इस तीन दिनों के सम्मेलन में हिंदी की दुनिया और भारतीय संस्कृति पर आठ उपविषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे।साथ ही वाजपेयी जी के साहित्य पर 2 घंटे का विशेष सत्र भी होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मोदी ने अपने संदेश में कहा है कि मैं आश्वस्त हूं कि यह सम्मेलन हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मददगार होगा और पूरी दुनिया में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका की समझ बढ़ेगी.
मॉरीशस के पोर्ट लुई में हो रहे वर्ल्ड हिन्दी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ और भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गौरतलब है कि यहां स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में 18 अगस्त से तीन दिवसीय 11 वां विश्व हिंदी सम्मेलन शुरू हो रहा है। आयोजन स्थल को गोस्वामी तुलसी दास नगर नाम दिया गया है.
मॉरिशस के प्रधानमंत्री ने 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अवसर पर दो डाक टिकट जारी किए हैं। एक पर भारत एवं मॉरिशस के राष्ट्रीय ध्वज और दूसरे पर दोनों देशों के राष्ट्रीय पक्षी मोर और डोडो की तस्वीर है.

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भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा पर करी धमाकेदार कार्रवाई, इमरान की शपथ में पसरा मातम, हक्के बक्के रह गयी पाक फ़ौज



नई दिल्ली : पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि अब वहां नयी सरकार और नया प्रधामंत्री इमरान खान बन गया है. पाकिस्तान की फितरत ही धोखा देना है जिस तरह पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए थे और उसके बाद ही कारगिल युद्ध छेड़ दिया था.

वहीँ इस वक़्त शांति और दोस्ती की बात कर रहे कांग्रेस नेता सिद्धू पाकिस्तान गए हैं वहां पीएम इमरान खान की शपथ समारोह में शामिल हुए हैं साथ ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ “बाजवा” से हाथ मिलाते हुए गले तक लगा लिया है और उसके बाद सिद्धू ने बयान भी दिया कि बाजवा ने कहा है हम शांति लाएंगे. इस बीच भारत पाक सीमा से बड़ी खबर आ रही है पाकिस्तान ने बड़ा हमला किया है जिसका भारतीय सेना ने मुहतोड़ जवाब दिया है जिससे इमरान के शपथ समारोह से पहले ही मातम पसर गया है.
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक सेना ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के टंगडार (कुपवाड़ा) सेक्टर में नियंत्रण रेखा LoC पर बड़ी अटकी घुसपैठ साज़िश के प्रयास को नाकाम बनाते हुए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है. तो वहीँ दो आतंकी पीओके उलटे पाँव भाग निकले हैं. पूरे इलाके में सेना द्वारा सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है.

यहाँ पर एक बात ज़रूर समझने की ज़रूरत है कि ये आतंकवादी घुसपैठ पाक सैनिक गोलीबार की आड़ में करवाते हैं. पाकिस्तान में चाहे कोई भी सरकार आ जाये, मुख्य कमान वहां की फ़ौज ही चलाती है और ऐसे में शांति का पैगाम बने फिर रहे कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू उसी पाक आर्मी चीफ ‘बाजवा’ के गले लिपट आये हैं. उस पाक चीफ के जिसकी सेना ने हमारे सेना के जवानों की निर्मम रूप से हत्या की थी. क्या सिद्धू सारे जवानों की शहादत को भूल गए हैं? इस वक़्त सीमा पर पाक फ़ौज गोलियां बरसा रहा है और करीब 600 आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जा रही है घुसपैठ की.
सैन्य अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि टंगडार सेक्टर में बलथारिया इलाके में सेना की छह गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों ने शाम को एलओसी पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं. जवानों ने अग्रिम इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. शाम करीब साढ़े चार बजे उन्होंने आतंकियों के दल को भारतीय इलाके में देखा. जवानों ने घुसपैठियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा. इस पर घुसपैठियों ने भी गोलीबारी शुरू की दी.
जब सेना ने जवाबी कार्रवाई की तो घुसपैठिये वापस पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तरफ भागने लगे. कुछ वहीं छिप गए. उसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. सवा दो घंटे तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं। आतंकियों की ओर से गोलीबारी थमने के बाद जब जवानों ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए मुठभेड़स्थल की तलाशी ली तो उन्हें वहां तीन आतंकियों की लाशें बुरी तरह गोलियों से छलनी दिखाई दिए. मारे गए आतंकियों के पास से तीन एसाल्ट राइफलें, 14 मैगजीन, ग्रेनेड, कारतूस व अन्य साजो सामान मिला है.

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर इजराइल से आयी जबरदस्त खबर, कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष दंग


नई दिल्ली : पहले देश का बंटवारा करवाया, फिर कश्मीर समस्या को जन्म दिया, उसके बाद चीन के साथ युद्ध हारकर कांग्रेस ने देश की हजारों वर्ग किलोमीटर की जमीन गंवा दी. मुस्लिम तुष्टिकरण में लगी कांग्रेस ने कभी भारत के सच्चे दोस्त इजराइल के साथ रिश्ते मजबूत ही नहीं किये. मगर उसी इजराइल से अब बेहद हैरान करने वाली खबर आ रही है.
दरअसल 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत ने परमाणु परीक्षण किया था. इस परमाणु परीक्षण से दुनिया के ज्यादातर देश आगबबूला हो उठे थे. अमेरिका सहित कई देशों ने तो भारत पर प्रतिबंध भी लगा दिए थे, उस समय इजराइल पूरी दुनिया में अकेला ऐसा देश था, जिसने भारत का समर्थन किया था.
खबर है कि इजराइल के विदेश मंत्रालय ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें ‘इजराइल का एक सच्चा मित्र’ बताया है. विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर हम भारत सरकार और उनके लोगों के प्रति गहरा दुख प्रकट करते हैं. उन्हें हमेशा इजराइल के एक सच्चे मित्र के तौर पर याद किया जाएगा.’

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दिवंगत प्रधानमंत्री को ‘इजराइल का एक सच्चा मित्र’ बताते हुए संवेदनाएं जताईं. बाजपेयी सरकार के दौरान भारत और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध बहुत तेजी से आगे बढ़े और उस स्तर पर पहुंच गए जहां इजराइल को भारत के भरोसेमंद साथी के तौर पर देखा जाने लगा. नेतन्याहू ने हाल ही में केरल में आई बाढ़ में जान गवांने वाले लोगों के परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदनाएं जताईं. उन्होंने कहा, ‘इजराइल इस कठिनाई के समय में भारत के साथ खड़ा है.’

कारगिल वॉर के समय की थी मदद

कारगिल वॉर के समय भारत के लिए सबसे तेजी से मदद इजरायल ने ही भेजी थी. कई महत्वपूर्ण चीजों की सप्लाई इजरायल ने की थी. करगिल की चोटियों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा जेहादी घुसपैठियों की शक्ल में भेजे गए पाकिस्तानी सैनिकों ने बर्फीले मौसम का फायदा उठाकर अपना डेरा जमा लिया था और वहां से वे भारतीय सैनिकों को निशाना बना रहे थे. इन चोटियों पर बैठे पाकिस्तानी सैन्य घुसपैठियों को तुरंत बेदखल करने का एक ही रास्ता था कि उन्हें हवाई हमलों से तहस-नहस किया जाए. लेकिन भारतीय लड़ाकू विमानों में सटीक निशाना लगाने वाली शस्त्र प्रणालियां नहीं थीं.

ऐसे ही संकट के वक्त इजरायल से लेजर डेजिगनेटर पाड आए और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों में इन्हें तैनात किया गया. इसके बाद तो पाकिस्तानी सेना के होश ही उडऩे लगे. करगिल की चोटियों पर एक-एक कर सभी पाकिस्तानी बंकर ध्वस्त होने लगे और पाकिस्तानी सेना पीछे लौटने को मजबूर हुई. इजरायल ने इंडियन आर्मी को सर्विलांस और बॉम्बिंग के लिए जरूरी सामान दिया. इसकी मदद से सेना ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों से एलओसी के उस तरफ बैठे दुश्‍मन को चारों खाने चित्‍त कर दिया.
रिपोर्टों की मानें तो कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन सफेद सागर भी सफल नहीं हो पाता अगर इजरायली लेजर गाइडेड मिसाइल न हासिल हो पातीं. एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने इन्‍हीं लेजर गाइडेड बमों को पाकिस्‍तानी आतंकियों पर गिराया. अपने ड्रोन के लिए मशहूर इजरायल ने हेरॉन और सर्चर ड्रोन मुहैया कराया और इसकी वजह से सेना को पाकिस्‍तान के आतंकियों का पता लगाने में मदद मिली.
वाजपेयी सरकार के दौरान गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री जसवंत सिंह भी इजरायल की यात्रा पर गए थे. इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एरियल शेरोन भी 2003 में भारत की यात्रा पर आए थे. ये किसी इजरायली पीएम की पहली भारत यात्रा थी.

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Friday, August 17, 2018

सदन में ओवैसी पार्षद ने किया वाजपेयी का अपमान, गुस्से से भड़के बीजेपी पार्षदों ने जो किया, उसे देख ओवैसी के रौंगटे खड़े हो गए



नई दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया. पीएम मोदी ने सात दिन का राष्ट्रिय शोक घोषित किया है. उनके इस निधन पर उन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है. चाहे उनके समर्थक हों या फिर उनके विरोधी, हर कोई उन्हें अपने तरीके से याद कर रहा है. देश के हर कोने में उन्हें याद करते हुए लोग अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं
लेकिन देश में कई इतने कट्टर और गिरे हुए लोग देश में घुस गए हैं और धर्म में अंधे हो चुके लोग उन्हें नेता बना रहे हैं कि वे आज के दिन भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की श्रद्धांजलि का भी अपमान करने से हिचक नहीं रहे हैं. लेकिन इसके बाद सदन में मौजूद बीजेपी सांसदों ने उस नेता की जो धुलाई करी है कि वो सीधा अस्पताल पहुंच गया है.


अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पूर्व पीएम वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि का विरोध की खबर सामने आयी है जिसके बाद ज़बरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है. औरंगाबाद नगर निगम में शुक्रवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा गया. इस कार्यक्रम का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के एक पार्षद अब्दुल मतीन ने विरोध करना शुरू कर दिया.
जिसके बाद सदन में मौजूद भाजपा के पार्षदों का खून खौल उठा. ओवैसी के पार्षद अब्दुल मतीन की बीच चलते सदन में ही धुलाई शुरू हो गयी. लात घुसे, थप्पड़ कि बरसात से उसे बचाने उनकी की पार्टी के लोग नहीं आये. यहाँ तक महिला पार्षद भी आईएमआईएम के एक पार्षद अब्दुल मतीन की धुलाई करती हुई देखी जा सकती है. लाल रंग की कमीज में आप आईएमआईएम के एक पार्षद अब्दुल मतीन को देख सकते हैं. वे अब सीधा अस्पताल भर्ती हो गए हैं.
सदन के सभापति उन्हें रोकते रहे, लेकिन भाजपा पार्षदों ने उन्हें पीट दिया. यहां तक कि महिला पार्षद ने भी उन्हें दो चार थप्पड़ जड़ दिए. भाजपा के सभी पार्षदों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह मारना शुरू कर दिया. बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें किसी तरह सदन से बाहर निकाल कर उन्हें बचाया.
पूरा देश इस वक़्त गम में डूबा हुआ है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि दे रहा है. यहाँ तक की बीजेपी के कट्टर विरोधी सोनिया गाँधी, ममता बैनर्जी, मायावती भी श्रद्धांजलि दे रही है. ऐसे में कट्टर ओवैसी हर बार भड़काऊ भाषण देते रहते हैं और इस बार ऐसा ही काम उनकी पार्टी के पार्षद ने भी किया है. वैसे ओवैसी ने भी वाजपेयी को लेकर एक शब्द तक नहीं कहा. ये बेहद गिरी हुई हरकत अगर किसी को सम्मान नहीं दे सकते तो कम से कम अपमान भी नहीं करना चाहिए.